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शिशà¥à¤“ं में पानी की कमी (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨)
In this article
मà¥à¤à¥‡ शिशॠमें पानी की कमी (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) का पता कैसे चलेगा?
मेरे बचà¥à¤šà¥‡ में पानी की कमी के कà¥à¤¯à¤¾ कारण हो सकते हैं?
मैं डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का उपचार कैसे कर सकती हूं?
मà¥à¤à¥‡ शिशॠमें पानी की कमी (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) का पता कैसे चलेगा?
अगर शिशॠके शरीर में निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण यानि पानी की कमी है, तो इसका मतलब है कि उसके शरीर से अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ समापà¥à¤¤ हो रहे हैं। या फिर हो सकता है कि वह परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पेय पदारà¥à¤¥ नहीं ले रहा है। शिशà¥à¤“ं के शरीर में पानी की कमी होना काफी आम है।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠछोटे होते हैं, इसलिठवे तरल पदारà¥à¤¥ खोने के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशील होते हैं। निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण का यदि शीघà¥à¤° उपाय न किया जाà¤, तो यह गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ बन सकती है।
नीचे दिठगठलकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से कोई à¤à¥€ निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण होने का संकेत हो सकते हैं:
रà¥à¤–ी तà¥à¤µà¤šà¤¾ व होंà¤
धंसे हà¥à¤ कलांतराल (फॉनà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥‡à¤², सिर के शीरà¥à¤· पर नरम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨)
सामानà¥à¤¯ से कम संखà¥à¤¯à¤¾ में गीली लंगोट (नैपी)
धंसी हà¥à¤ˆ आंखें
बिना आंसà¥à¤“ं के रोना
गहरा पीला पेशाब
सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ और उनींदापन
तेज सांसे चलना
ठंडे और धबà¥à¤¬à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हाथ व पैर
यदि आपको लगे कि आपके शिशॠको डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ है, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। शिशॠको सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को समà¤à¤•र, डॉकà¥à¤Ÿà¤° उसे कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• या असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² लाने के लिठकह सकते हैं, ताकि चेक-अप और उपचार किया जा सके।
मेरे बचà¥à¤šà¥‡ में पानी की कमी के कà¥à¤¯à¤¾ कारण हो सकते हैं?
शिशॠमें पानी की कमी होने के कई कारण हो सकते हैं:
बà¥à¤–ार: बà¥à¤–ार शरीर में पानी की कमी होने के सबसे आम कारणों में से à¤à¤• है। जब आपके शिशॠको बà¥à¤–ार होता है, उसे पसीना आता है और शरीर के ठंडा होने के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ में उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ से पानी वाषà¥à¤ªà¤¿à¤¤ हो जाता है। वह सामानà¥à¤¯ से तेज सांसे à¤à¥€ ले रहा होगा और सांस छोड़ते समय जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तरल हà¥à¤°à¤¾à¤¸ हो रहा होगा।
शरीर में अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• गरà¥à¤®à¥€ बढ़ना: धूप में रहने या गरà¥à¤®à¥€ के दिन में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खेलने-कूदने से शिशॠको पसीना आ सकता है और शरीर से तरल पदारà¥à¤¥ निकल सकते हैं। बिना हवादार और तपते कमरे में रहने या à¤à¤• के ऊपर à¤à¤• कई कपड़े पहनने से à¤à¥€ शरीर में गरà¥à¤®à¥€ बढ़ सकती है और पसीना बह सकता है।
दसà¥à¤¤ (डायरिया) और उलà¥à¤Ÿà¥€: अगर आपके शिशॠमें पेट का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ जैसे कि गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस आदि है, तो दसà¥à¤¤ (डायरिया) और उलà¥à¤Ÿà¥€ की वजह से शरीर में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की कमी हो सकती है। शिशॠको यदि डायरिया हो, तो वह अपने मल से तरल अवशोषित नहीं कर सकता या फिर बीमार होने पर वह शरीर में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को समाहित और बनाठनहीं रख पाता, इसका मतलब है कि उसे आसानी से पानी की कमी हो सकती है।
पेय पदारà¥à¤¥ या सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठमना करना: हाथ, पैर और मà¥à¤‚ह के रोग (हैंड, फà¥à¤Ÿ à¤à¤‚ड माउथ डिजीज), थà¥à¤°à¤¶, गले में दरà¥à¤¦ या दांत निकलने की वजह से शिशॠकà¥à¤› à¤à¥€ पीने से मना कर सकता है। इन सà¤à¥€ से शिशॠके मà¥à¤‚ह और गले में दरà¥à¤¦ हो सकता है। कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° शà¥à¤²à¥‡à¤® (मà¥à¤¯à¥‚कस) से à¤à¤°à¥€ नाक या जà¥à¤•ाम की वजह से शिशॠके लिठकà¥à¤› à¤à¥€ पी पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है।
मैं डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का उपचार कैसे कर सकती हूं?
यदि आपके शिशॠके शरीर में पानी की कमी है, तो जितना जलà¥à¤¦à¥€ हो सके उसके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚। डॉकà¥à¤Ÿà¤° नीचे दिठगठउपचारों की सलाह दे सकते हैं:
शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ दें
आपके शिशॠको काफी सारा सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध या फिर फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीना चाहिà¤à¥¤ शिशॠको थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में बार-बार दूध पिलाना à¤à¥€ मददगार हो सकता है। यदि आपका शिशॠकेवल सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ ही करता है, तो उसे जलनियोजित रखने के लिठअतिरिकà¥à¤¤ पानी पिलाने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं होती है। फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले या ठोस आहार खाने वाले शिशà¥à¤“ं को अतिरिकà¥à¤¤ पानी दिया जा सकता है।
यदि आपका शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है, तो उसके दूध में अतिरिकà¥à¤¤ पानी न मिलाà¤à¤‚। शिशॠको फलों का रस या कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क à¤à¥€ न दें, विशेषकर यदि उसे दसà¥à¤¤ और उलà¥à¤Ÿà¥€ की वजह से निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण हà¥à¤† हो तो।
ओरल रिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ सोलà¥à¤¯à¥‚शन देना
अपने शिशॠको उसके सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध और पानी के साथ-साथ à¤à¤• घंटे में कà¥à¤› बार ओरल रिहाडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ सोलà¥à¤¯à¥‚शन (ओआरà¤à¤¸) के घूंट à¤à¥€ पिलाà¤à¤‚।
ओआरà¤à¤¸ का घोल शिशॠके शरीर में निकले तरल, नमक और चीनी की कमी की पूरà¥à¤¤à¤¿ करने में मदद करता है। यदि आप निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ नहीं है कि बचà¥à¤šà¥‡ को कितना ओआरà¤à¤¸ दिया जाना चाहिà¤, तो इस बारे में ​​बचà¥à¤šà¥‡ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछें।
इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट पैरासिटामोल देकर
यदि आपका शिशॠइसलिठतरल पदारà¥à¤¥ नही ले रहा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसे निगलने में तकलीफ हो रही है, तो आप उसे बताई गई खà¥à¤°à¤¾à¤• के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट पैरासिटामोल दे सकती हैं। यदि इससे à¤à¥€ शिशॠकी परेशानी कम होती न लगे, तो कोई अनà¥à¤¯ दवा देने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें।
यदि आपके शिशॠके शरीर में पानी की अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• कमी हो, तो उसे उपचार के लिठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाना पड़ सकता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠकी बाजू में डà¥à¤°à¤¿à¤ª लगाकर या फिर उसकी नाक के जरिये नली डालकर उसे तरल पदारà¥à¤¥ दे सकते हैं। गंà¤à¥€à¤° डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ अकà¥à¤¸à¤° अनà¥à¤¯ बीमारियों जैसे कि गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस या शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संबंधी बीमारियों जैसे कि निमोनिया या बà¥à¤°à¥‹à¤•ियोलाइटिस आदि का दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होता है।
बहरहाल, चिंता न करें, निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण के अधिकांश मामले गंà¤à¥€à¤° नहीं होते हैं। शिशà¥à¤“ं में पानी की कमी होना काफी आम है और आमतौर पर इसका उपचार डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से घर पर किया जा सकता है।
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